सोमवार, 6 मई 2019

भविष्य में कैसा होगा इंसान?How will human beings in the future|हिंदी

मस्ते दोस्तो,आज में कुछ ऐसा Topic पर बात करने जा रहा हु जो आज हम अगर सोचने जाए तो कल्पना से भी परे हैं,अधिकतर लोग internet पर "future mein kaisa hoga insaan" यह जरूर सोचा होगा,चलिये जान लेते हैं की 'aage chalkar kaisa dikhega insaan".

भविष्य में कैसा होगा इंसान?How will human beings in the future|हिंदी
भविष्य में कैसा होगा इंसान?How will human beings in the future|हिंदी
भविष्य में कैसा होगा इंसान:
Future में होने वाले Development को समझने के लिए हमें अपने अतीत में झांकने की ज़रूरत है।क्या हमारे वंशज(Descendant) किसी काल्पनिक Scientist उपन्यास के चरित्रों की तरह उच्च Technique से लैस ऐसे मनुष्य होंगे, जिनकी आंखों की जगह Cameras होंगे, शरीर के अंग(Organ) खराब हो जाने पर New organ अपने आप विकसित(Develope) हो जाएंगे, आखिर सोचो जरा कैसी होंगी हमारी आने वाली Generations?

क्या humans आने वाले समय में जैविक(Biological) और कृत्रिम प्रजातियों(Artificial species) का मिला-जुला रूप होगा? हो सकता है वो अब के मुक़ाबले और नाटा या लंबा(Nata or Long) हो जाए, पतला या फिर और मोटा(Thin or thicker) हो जाए या फिर शायद उसके चेहरे और त्वचा का रंग-रूप(Skin color) ही बदल जाए?

ज़ाहिर है, इन सवालों का जवाब हम अभी नहीं दे सकते।इसके लिए हमें Past में जाना होगा और ये देखना होगा कि लाखों साल(Millions of years) पहले मनुष्य कैसा था। शुरुआत करते हैं उस समय से जब होमो सेपियंस(Homo sapiens) थे ही नहीं। लाखों साल(Millions of years) पहले शायद मनुष्य की कोई दूसरी ही प्रजाति(Species) थी, जो homo erectus(standing man) और आज के मनुष्य से मिलता-जुलता था।

पिछले दस हज़ार Years में, कुछ बहुत ही Important बदलाव हुए हैं जिनके मुताबिक इंसान ने अपने आपको ढाला है। खेती पर निर्भर होने और खानपान(food and drink) के विकल्प(option) बढ़ने से कई दिक्कतें(Problems) भी हुईं जिनको सुलझाने के लिए इंसान को Science का सहारा लेना पड़ा, जैसे डायबिटीज़(Diabetes) के इलाज के लिए इंसुलिन(Insulin)।

Body बनावट भी अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग है, कहीं लोग मोटे हैं तो कहीं लंबे।

डेनमार्क(Denmark) के आरहुस विश्वविद्यालय(Aarhus University) के बायोइन्फोर्मेटिक्स(Bioinformatics) विभाग के एसोसिएट प्रोफ़ेसर थॉमस मेयलुंड(Associate Professor Thomas Myelund) के मुताबिक अगर इंसान की लंबाई कम होती तो हमारे शरीर को कम ऊर्जा(Energy) की ज़रूरत पड़ती जा रही हैं और यह लगातार बढ़ रहा आबादी(Population) वाले ग्रह के लिए बिल्कुल सही होता।

तकनीक से दिमाग का विकास:
बहुत से तमाम लोगों के साथ रहना एक अन्य ऐसी परिस्थिति(Situation) है जिसके मुताबिक इंसान को अपने आपको ढालना होगा।पहले जब हम शिकार(Prey) पर ही निर्भर थे तो रोज़मर्रा(Everyday) के जीवन में आपसी संवाद(conversation) बहुत कम हुआ करता था। मेयलुंड(Myelund) का मानना है कि हमें अपने आपको इस तरह से ढालना चाहिए था कि हम इस सब से निपट सकते।जैसे लोगों का नाम याद(remember the name) रखने जैसा अहम काम हम कर सकते।

यहां से शुरु होती है Technology की भूमिका(role)।थॉमस(Thomas) का मानना है- "Brain में एक Implant fit करने से हम लोगों के नाम आसानी से याद रखखा जा सकता हैं."

वो कहते हैं- "हमें पता है कि कौन से Jeans brain के इस तरह के development में कारगर(Effective) होंगे जिससे हमें अधिक से अधिक लोगों के नाम याद रह सके."

आगे चल कर हम शायद उन Jeans में बदलाव कर सकें। ये एक Science कथा जैसा लगता है लेकिन ये मुमकिन है। ऐसे Implants हम लगा सकते हैं but ये बात ठीक से नहीं जानते कि उसे किस तरह जोड़ा जा सकता हैं कि उसका ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल हो सके। हम उसके near तो पहुंच रहे हैं लेकिन अभी इस पर प्रयोग चल रहा है।उनका कहना है- "ये अब जैविक(Biological) से ज़्यादा Technology का मामला है."

मां-बाप की पसंद के होंगे बच्चे:
अबतक हम शरीर के टूटे हुए अंगों(Broken organs) को बदल या ठीक कर पा रहे हैं जैसे Pacemaker लगाना या कूल्हों(Hips) का बदला जाना)। शायद Future में ये सब मनुष्य को बेहतर बनाने में इस्तेमाल हो। इसमें Brain का development भी शामिल है। हो सकता है हम अपने रंग-रूप(Look and feel) या शरीर में Technique का ज़्यादा इस्तेमाल करें। जैसे कृत्रिम आंखें(Artificial eyes) जिनमें ऐसा कैमरा फ़िट(Camera fit) हो जो अलग-अलग रंगों और चित्रों(Colors and pictures) की अलग-अलग फ्रीक्वेन्सी(Frequency) पकड़ सके।

हम सबने Designer बच्चों के बारे में सुना है। Scientists ने पहले ही ऐसी Technique ईज़ाद कर ली है जो भ्रूण(Embryo) के जीन्स(Jeans) को ही बदल दे और किसी को पता भी ना चले कि अब आगे क्या होने वाला है। लेकिन मायलुंड(Myelands) का मानना है कि Future में कुछ Jeans का ना बदला जाना अनैतिक(Immoral) माना जाएगा। इसके साथ हम चुन पाएंगे कि बच्चा दिखने में कैसा हो, शायद फिर Man वैसा दिखेगा जैसा उसके mother-father उसे देखना चाहते हैं।

Myelands का कहना है- "ये अब भी Choose पर ही निर्भर करेगा लेकिन ये चुनाव अब Artificial होगा। जो हम कुत्तों की प्रजातियों(Species) के साथ कर रहे हैं, वही हम इंसानों के साथ करना शुरु कर देंगे."

Genetic variation:
ये सब सोचना अभी बहुत काल्पनिक(Dreamy) लगता है, लेकिन क्या Population के रुझान हमें इस बारे में कुछ संकेत दे सकते हैं कि Future में हम कैसे दिखेंगे?

'Grand Challenges In Eco Systems and the Environment' के Lecturer Dr. Jason का कहना है- "करोड़ों साल बाद के बारे में भविष्यवाणी(Prediction) करना पूरी तरह काल्पनिक(Dreamy) है लेकिन निकट Future के बारे में कहना बायोइन्फोर्मेटिक्स(Bioinformatics) के ज़रिए संभव है।

हमारे पास अब आज दुनिया भर से मानव के जैनेटिक सैंपल(Genetic samples) है।जैनेटिक वेरिएशन(Genetic variation) और Population पर उसके असर को अब आनुवांशिकी वैज्ञानिक(Geneticist) बेहतर ढंग से समझ पा रहे हैं।अभी हम साफ तौर पर नहीं कह सकते कि जैनेटिक वेरिएशन(Genetic variation) कैसा होगा लेकिन बायोइन्फॉर्मैटिक्स(BioInformatics) के जरिए वैज्ञानिक(Scientific) जनसंख्या के रुझानों को देखकर कुछ अंदाज़ा तो लगा ही सकते हैं।

जेसन की भविष्यवाणी(Prediction) है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों(Rural areas) में लोगों में असमानता(Inequality) बढ़ती जाएगी। उनका कहना है- "लोग ग्रामीण क्षेत्रों से ही शहरी इलाकों में आते हैं इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों(Rural areas) के मुकाबले शहरी इलाकों में जैनेटिक विविधता(Kitnetic diversity) ज़्यादा देखने को मिलेगी।" उनका यह भी कहना है- "हो सकता है कि लोगों के रहनसहन(standard of living) में भी ये विविधता दिखने लगे।"

ये सब दुनियाभर(Whole world) में एक समान नहीं होगा। Example के तौर पर England में ग्रामीण इलाकों में शहर के मुकाबले कम विविधता(Diversity) है और शहरों में बाहर से आए लोगों की संख्या ज़्यादा होती हैं।

दूसरा ग्रह बना ठिकाना तो कैसा होगा इंसान:
कुछ समुदायों(Communities) में प्रजनन(Sex,Reproduction) दर ज़्यादा है तो कुछ में कम। जैसे Africa की Population तेज़ी से बढ़ रही है तो उनके Jeans भी विश्व के बाकी Communities के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ी से बढेंगे। जिन इलाकों में गोरे लोग रहते हैं वहां प्रजनन दर कम है। यही वजह है कि Jason ने भविष्यवाणी(Prediction) की है कि विश्वस्तर(World level) पर साँवले लोगों की संख्या बढ़ती जाती रहेगी।

उनका कहना है- "ये तय है कि World level गोरे लोगों के मुक़ाबले साँवले लोगों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी(Increase) होगी और इंसान की कई पीढियों(Generations) के बाद का रंग उसकी आज की Generation से गहरा ही होगा."

और अंतरिक्ष(Space) का क्या होगा? अगर मनुष्य ने मंगल ग्रह(Mars) पर बस्तियां(Settlements) बना लीं तो हम कैसे दिखेंगे? कम ग्रुत्वाकर्षण(Gravity) के कारण हमारी मांसपेशियों(Muscles) की बनावट बदल जाएगी. शायद हमारे हाथ-पैर और लंबे हो जाएं. हिम युग(Ice age) जैसे ठंडे वातावरण(Cold atmosphere) में क्या हमारे शरीर की चर्बी बढ़ जाएगी और क्या हमारे पूर्वजों(Ancestors) की तरह हमारे शरीर के बाल ही हमें ठंड(Cold) से बचाएंगे?

हमें अभी नहीं पता, लेकिन इतना जरूर है कि मनुष्य में Genetic बदलाव हो रहे हैं। Jason के मुताबिक हर साल मानव Genome के 3.5 billion base pair में से लगभग दो में बदलाव हो रहा है। ये सच में Amazing है और इस इस बात का सबूत(evidence) भी कि लाखों-करोड़ों(Millions of crores) साल बाद इंसान ऐसा नहीं दिखेगा जैसा आज दिखता है।यह Post को लिखने में बहुत Time लग गया,मुझको उम्मीद हैं यह Post आपको पसंद आया होगा।

शनिवार, 6 अप्रैल 2019

Google Duplex क्या हैं और कैसे Use करते हैं?

मस्ते दोस्तों,आज के Topic में हम बात करने वाले हैं की,"What is Google Duplex" और "Google Voice Assistant Call","google duplex booking restaurant","google duplex booking appointment" अगर यह ही हिंदी में देखा जाए तो "Google Duplex kya hain"और "How To Use Google Duplex" या "Google Duplex Kaise Use kare" के बारे में जानेंगे की आखिर यह है, क्या और यह कैसे और कब Use करना हैं, Google Duplex के बारे जानने के लिए Last तक यह Post जरूर पढ़िए,चलिये देख लेते हैं की "Google Duplex" के बारे में।
What is Google Duplex
Google Duplex क्या हैं और कैसे काम करता हैं?
Google Duplex क्या हैं:

मनुष्य  आज जिस अत्याधुनिक  क्रन्तिकारी  टेक्नोलॉजी(State-of-the-art revolutionary technology)  के  पड़ाव  पर  पहुचा हैं,  बीते  कुछ ही सालों  में  सोचकर  देखे  तो  यह  सब  Impossible  से लगता था , Technology  के  तरफ  झुकाव  कोई नई बात थोड़ी ना है |यह  कई  सौ   सालों  से  चलाता आ  रहा  है , लेकिन  Natural  बातचीत  Computer  के  साथ  बहुत  ही  Interesting और easy  होते आ रही  है सब कुछ आसान से होते जा रहा हैं, आने  वाले  सालों में  यह  इंसानों  और  Computers   के  बीच  के  फासले को लगभग समझो कम ना करना,यह हमारी need हो जाएगी। 

Google Duplex कैसे काम करता हैं:


Artificial Intelligence का  तंत्रिका नेटवर्क(neural network)  जितना  Strong  होता  जा रहा  है , चीजों  को  समझने  और  सीखने  की  कला  धीरे-धीरे  यह  इंसानों  रूप  में बदलता(Change)  होता जा रहा हैं , जिसमे Google Voice Assistant का एक मात्र हिस्सा (Part only)  है,देखा जाए तो Google Assistant की बद्दुलत यह Google Duplex आ पाना सम्बव हुवा हैं।

दोस्तों,  आज  के  Time  के  Tech Gient  जैसे  Google, Microsoft and others.  Artificial Intelligence  की  मदद  से  एक  ऐसा  system  बनाने  की तैयारी में  लग गए हैं,जिसे  हम आज Google Voice Assistant के  नाम  से  भी  लोग जानते  हैं,Examples  के  लिए  Google voice assistant, Amezon Alexa, Microsoft Cortana,Apple Siri.और अब Samsung Bixby ये  ऐसे system  हैं  जो  सामान्य जिंदगी में  लोगो  से  बात  करने  में  आसान  हैं | लेकिन  देखा जाए तो इतने  आसान  नहीं है,

इस  तरीके  के  system  अभी  भी  सरल  शब्दों  और  आदेशों(Simple words and commands) को  समझने और जानने  के  लिए  struggle  कर ही  रहे  हैं, हम  यह  मान  सकते  हैं  की  अभी  ऐसे  system  Flow  Conversation के  लिए  उपुक्त  नहीं  हैं सय्यद|इन्हे  इंसानो  की  तरह  बातचीत  करने  के  लिए  निरंतर कोसिस करते  जा  रहे  हैं,  लेकिन  अभी  तक  अगर देखा जाए तो कही बड़ी  Success नही मिल पाई हैं।

Google Duplex(google)
Google I/O 2018 में  Google ने  Real Life में  Computers के  साथ  natural Conversation के  लिए  Google Duplex नाम  से जाना जाने वाला एक New technology  Present  की  है , यह  एक  ऐसी  Technique  है  जो  एक  हद  तक  वार्तालाप  को  natural बनाती  है |Google ने  Google Duplex Technology  की  मदद  से  Google Assistant को  कुछ  ऐसे  महत्वपूर्ण  कार्यों  के  लिए  Guide  किया  है,  जिसमे  हुई  वार्तालाप को  Natural जैसी लगती  है |

Users को जो भी Task Google Assistant से करवाने हैं वो उसे Google Assistant Application के द्वारा से बता देगा, और इसके बाद  Google Assistant का Artificial Intelligence Task  को Identify करने कर बाद Google Duplex Technology की मदद से जैसा भी Task है, User की तरफ से Call करेगा, और बात भी करेगा जैसे एक Assistant करती हैं।

उदहारण:- जहा अपने Book Restaurant में जहा जिसने Call Receive किया उसे कभी यह एहसास नहीं हो पायेगा की वो एक Computer से बातचीत कर रहा है , Google देखा जाए तो इसे आने वाले दिनों में बहुत जल्द ही Launch कर सकता है, और सबसे बड़ी बात यह की यह Application Users और Businesses man के लिए काफी उपयोगी साबित होगा।

Google Duplex (Google)

चलिये  इसे  एक  Example  से  समझते  हैं:

अभी  तक  हमने  Google  Assistant के  साथ  खेलते  ही  आ रहे हैं, जिसमे आप Voice Command देकर, Question पूछ सकते हैं। अगर  आपको  नहीं  पता  google assistant होता क्या  है, तो  आपको  यह  आपके  सभी एंड्राइड kitkat वाले स्मार्ट  फ़ोन  से ऊपर वाले स्मार्ट फ़ोन्स में  मिल  जायेगा  जिसे  आप use करने के ल8ये  enable कर use कर सकते हैं।मगर  google duplex की  Technique  की  कारण  से  अब  google assistant और  भी  ज्यादा  बेहतर ओर Smart  हो  चुका हैं।

सामान्य जिंदगी में  देखा जाए तो हम  इतने  वस्त होते  हैं , की कोई ओर कामो  के  लिए  हमे बिलकुल ही समय निकलना बहुत हैं मुश्किल हो जाता हैं, या  बात  सभी परिवार  वालो के  साथ  समय  बिताने में या अक्सर  काम  की  वजह  से  हम भूल जाते हैं की क्या book करना या क्या doctor से appointment लिया या नही।

Google Duplex आपको  यह  Facility  देता  है  की, मान  लीजिये आप  Vaction में  जाना  चाहते  हैं,  आप जाने के तैयारी में लग गए हो मगर अभी  तक  आपने  Tickets book  नहीं  की , आपको  एक काम करना पड़ेगा वह हैं की बस  अपने  google assistante को एक command देना  है,बाकि का काम google assistant खुद-ब-खुद कर  देगा  जैसे  आपको  किस  दिन  का  tickit booking करना है,और कितने  दिनों  के  लिए  करनी  है,बस आपको बोलना हैं आपका  google duplex तकनीक  की  मदद  से  एक Artificial call की  जाएगी  या दूसरे  शब्दों में  कहे  तो  कम्प्यूटरीकृत कॉल(Computerized call) की जाएगी,जिसमे  आपके  Smartphones  में  स्थित  google assistance application travel agent से  बातचित  करेगी/करेगा ,जो  की काफी  natural होगी ,इस Technology को समझना बहुत ही मुश्किल हैं,मगर करते करते आ जाएगा।सामने  वाला व्यक्ति  यह  भी अनुमान  ही  नहीं  लगा  पायेगा की  जिससे  बात  हो  रही  है  वो कोई व्यक्ति बात कर रहा है या एक  computer generated call है |

इसी  तरह  आपको  किसी भी  restaurant में  table book करनी  है ,या इसके लिए बस आपको  google assistant को  Instructions  देना  है।नीचे दिए  गए  video में  आप  इसे  बेहतर  तरीके  से  समझने के लिए देख सकते  हैं।इसी  तरह  से  आप कई  तरह  के  Task google duplex calling की  मदद  से  google assistant आपका  work लगभग Future में करेगा।

Google Duplex सक्षम  है इंसानो के  जैसे  Natural Conversation करने  में  और  यह  कई  Task को  खुद  से  करने  में  capable  है,  बिना  किसी  इंसान  की  Help  से , Google Duplex में  खुद  का  Self Monitoring System(स्व निगरानी प्रणाली) है  जो  दिए  गए  TASK को  पहचानने  में  capable  है | Google Duplex तकनीक प्राकृतिक ध्वनि(Natural sound) के लिए बनाई गई है। Businesses और  users के  लिए  यह भविष्य में  यह  Important  साबित हो  जाएगा, आने वाले समय में Google Duplex वैसे यह Technology नई है।मगर Future में यह काफी Useful साबित होगी क्योकि, इस Technology की वजह से इंसानो पर निर्भर रहना(Dependency) ख़तम हो जाएगी और AI की Help से ऐसे सिस्टम खत्म(System over) हो जाएँगे, जहाँ मनुष्यो की आवस्यकता होती है, इनकी जगह ऐसी Applications आ जाएँगी जो मनुष्यों की तरह बात करने स्वयं निर्णय(Self decision) लेने में capable हो जाएगी।

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शुक्रवार, 8 मार्च 2019

Gmail Smart Compose क्या हैं?Gmail में Smart Compose Enable कैसे करे?

मस्ते दोस्तो,कैसे हो आप मुझे उमीद हैं की आप अच्छे होंगे आज हम बात करने जा रहे हैं "Gmail Smart Compose" के बारे में की "Gmail Smart Compose क्या हैं"जो की  Artificial Intelligence और Machine learning हैं जो अपने आप आपको Suggestions देता रहेगा।इस पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं की इसको "Gmail Smart Compose को Use कैसे करे" और 
"How to enable Smart Compose in Gmail" हिंदी में मतलब  "Gmail में Smart Compose Enable कैसे करे" हैं चलिये देख लेते हैं।

Gmail Smart Compose क्या हैं?Gmail में Smart Compose Enable कैसे करे?
How to enable Smart Compose in Gmail

Gmail Smart Compose क्या हैं:
जैसा की आप जानते हो की Popular email service Gmail ने Android Devices के लिए अपनी app में बीते कुछ दिनों से कई नए Updates दिए हुए थे और अब Gmail app में वह Feature मिला है, जिसका Users काफी दिनों से इंतजार कर रहे थे। Gmail app के New look के अलावा Google ने इसके अंदर 'Smart reply' Feature भी add किया है, जो की Users को किसी Mail का Reply करने के लिए तीन क्विक मेसेज ऑप्शंस(Three Quick Messemging Options) दिया हुआ हैं। Google ने अगले Update में नया जीमेल एआई(New Gmail AI) को भी Roll out किया है जो खुद मॉनीटर और सजेस्ट(Monitor and Suggeste) करेगा कि कौन से E-mail subscription को Drop करना User के लिए अच्छा रहेगा।
पिछले साल Developers Conference में Google ने कहा स्मार्ट कंपोज फीचर इंट्रोड्यूस(Smart composure feature introduction) किया था, जो आर्टिफिशल इंटेलिजेंस(Artificial Intelligence) (AI) और मशीन लर्निंग(Machine learning) (ML) को Use करता रहता है। इस तरह यह Feature किसी Mail को लिखने में User की मदद भी करेगा और Mail किस तरह का है, यह समझते ओर जानते हुए AI सुझाव भी रहेगा जिससे User को और भी आसान से आसान लगने लगे। समान शब्दों में कहा जाए तो यह Gmail के स्मार्ट रिप्लाई(Smart reply) के जैसा ही है, लेकिन यह features आने के बाद ज्यादा Useful हो जाएगा जो की यह Machine learning की मदद से आपके कोई Sentences और शब्दो Type करने से पहले सुझाव(Suggestion) देता है और पूरा वाक्य सजेशन(Sentences Suggestions) के तौर पर दिखता है।

Artificial Intelligence तो बहुत आगे बढ़ गया हैं Technology आसमान छूने निकली हैं आप समझ गए होंगे की में क्या कह राह हु अब आगे देखते हैं की यह फीचर जो हैं पहले से आए Mails के संभावित Reply भी Users को Suggestion देता रहता है।

Significantly proof हो गया है कि अब तक Android में यह Feature केवल लेटेस्ट गूगल स्मार्टफोन्स(Latest Google Smartphones) Pixel 3 और Pixel 3 XL में ही availble हैं। अब बताया गया है की अगले जीमेल अपडेट(Gmail update) के साथ सभी Android Devices को यह Feature दिया गया है। हालांकि App update करने के बाद ही यह Feature अपने आप नहीं दिखने लगेगा थोड़ा प्रोसेज भी हैं। Users को app की Settings में जाकर इसे Enable करना पड़ेगा। यह Feature अंग्रेजी, स्पैनिश, फ्रेंच, इटैलियन और पुर्तगाली भाषा में भी support करता है सायद आने वाले Time में यह बाकी भाषाओं में भी availble हो जाएगा।


Gmail में Smart Compose Enable कैसे करे:

अगर आप पहले ही Gmail app का Latest version Use कर रहे हैं तो अब देखना होगा कि आपके Gmail account में 'Smart Compose' Enable है या नहीं। 

आप इन्हें भी पढ़ें – Jio Gigafiber Broadband Plans Price List|Jio Gigafiber Broadband का महीने में कितने का Plans आएगा।

Gmail में Smart Compose Enable कैसे करे?

How to enable Smart Compose in Gmail?
How to enable Smart Compose in Gmail?(From Youtube Mobilegeeks.de)

1.टॉप-राइट में एक गियर आइकन (Settings)दिखाई देगा उस पर क्लिक करें।

2.Settings में Click कर जाए।



3.अब आपको बॉक्स पर टिक करना हैं, जो कहता है “Enable experimental access“.
How to enable Smart Compose in Gmail?
How to enable Smart Compose in Gmail?(From Youtube Mobilegeeks.de)

4.Page के Scroll down करें और Save पर क्लिक करें।

5.अब एक नया संदेश लिखें और सुविधा का उपयोग करें।