शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

चंद्रयान-2 की लोडिंग कैसे हुआ


Chandrayaan 2 landing: इसके साथ ही शनिवार को चांद की सतह पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग के लिये लैंडर को कक्षा से नीचे उतारने की एक अंतिम प्रक्रिया ही बची है
चंद्रयान-2 की लोडिंग कैसे हुआ  chandrayaan-2-ki -anding-kaise-huwa

चंद्रयान-2 की लोडिंग कैसे हुआ
chandrayaan-2-ki -anding-kaise-huwa

चंद्रयान-2 (Chandrayaan 2) के ऑर्बिटर से लैंडर ‘विक्रम' के अलग होने के एक दिन बाद इसरो ने बताया कि उसने यान को चंद्रमा की निचली कक्षा में उतारने का पहला चरण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इसके साथ ही शनिवार को चांद की सतह पर ऐतिहासिक सॉफ्ट लैंडिंग (Chandrayaan 2) के लिये लैंडर को कक्षा से नीचे उतारने की एक अंतिम प्रक्रिया ही बची है. इसरो ने कहा कि लैंडर पर लगी प्रणोदक प्रणाली को पहली बार इसे नीचे की कक्षा में लाने के लिये सक्रिय किया गया. इससे पहले इसने स्वतंत्र रूप से चंद्रमा (Chandrayaan 2) की कक्षा में परिक्रमा शुरू कर दी थी. जीएसएलवी मैक-थ्री एम1 द्वारा 22 जुलाई को पृथ्वी की कक्षा में प्रक्षेपित 3,840 किलोग्राम के चंद्रयान-दो अंतरिक्ष यान के मुख्य ऑर्बिटर द्वारा चंद्रमा की यात्रा के सभी अभियानों को अंजाम दिया गया है. इसरो सात सितंबर को लैंडर विक्रम को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने से पहले बुधवार को एक बार फिर यान को और निचली कक्षा में ले जाएगा।

इस सफल लैंडिंग के साथ भारत रूस, अमेरिका और चीन के बाद ऐसा चौथा देश हो जाएगा जो चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग कराने में सफल होगा. चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के रहस्यों का पता लगाने के लिये लॉन्च होने वाला यह पहला मिशन है. इसरो ने बताया कि चंद्रयान को निचली कक्षा में ले जाने का कार्य मंगलवार सुबह भारतीय समयानुसार 8 बजकर 50 मिनट पर सफलतापूर्वक और पूर्व निर्धारित योजना के तहत किया गया. यह प्रकिया कुल चार सेकेंड की रही. एजेंसी के बताया कि विक्रम लैंडर की कक्षा 104 किलोमीटर गुना 128 किलोमीटर है. चंद्रयान-2 ऑर्बिटर चंद्रमा की मौजूदा कक्षा में लगातार चक्कर काट रहा है और ऑर्बिटर एवं लैंडर पूरी तरह से ठीक हैं. एक बार फिर चार सितंबर को भारतीय समयानुसार तड़के तीन बजकर 30 मिनट से लेकर चार बजकर 30 मिनट के बीच इसकी कक्षा में कमी की जाएगी।


भारत के दूसरे चंद्रमा मिशन ‘चंद्रयान-2' के एक अहम पड़ाव पर सोमवार को लैंडर विक्रम ऑर्बिटर से सफलतापूर्वक अलग हुआ था. योजना के तहत ‘विक्रम' और उसके भीतर मौजूद रोवर ‘प्रज्ञान' के सात सितंबर को देर रात एक बज कर 30 मिनट से दो बज कर 30 मिनट के बीच चंद्रमा की सतह पर उतरने की उम्मीद है. इसरो के अध्यक्ष के. सिवन ने कहा कि चंद्रमा पर लैंडर के उतरने का क्षण ‘दिल की धड़कनों को रोकने वाला' होगा क्योंकि एजेंसी ने पहले ऐसा कभी नहीं किया है. चंद्रमा की सतह पर उतरने के बाद ‘विक्रम' से रोवर ‘प्रज्ञान' उसी दिन सुबह पांच बज कर 30 मिनट से छह बज कर 30 मिनट के बीच निकलेगा और एक चंद्र दिवस के बराबर चंद्रमा की सतह पर रहकर परीक्षण करेगा. चंद्रमा का एक दिन पृथ्वी के 14 दिनों के बराबर है।
लैंडर का भी मिशन जीवनकाल एक चंद्र दिवस ही होगा जबकि ऑर्बिटर एक साल तक काम करेगा. लैंडर विक्रम की कक्षा में दो बार कमी से यह चंद्रमा के और करीब पहुंच जाएगा. बता दें कि 3,840 किलोग्राम वजनी चंद्रयान-2 को 22 जुलाई को जीएसएलवी मैक-3 एम1 रॉकेट से प्रक्षेपित किया गया था. इस योजना पर 978 करोड़ रुपये की लागत आई है. चंद्रयान-2 उपग्रह ने धरती की कक्षा छोड़कर चंद्रमा की तरफ अपनी यात्रा 14 अगस्त को इसरो द्वारा ‘ट्रांस लूनर इंसर्शन' नाम की प्रक्रिया को अंजाम दिये जाने के बाद शुरू की थी. ये प्रक्रिया अंतरिक्ष यान को “लूनर ट्रांसफर ट्रेजेक्ट्री” में पहुंचाने के लिये अपनाई गई है. भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक अहम मील के पत्थर के तहत अंतरिक्ष यान 20 अगस्त को चंद्रमा की कक्षा में पहुंच गया था. बेंगलुरु स्थित इसरो के कमांड सेंटर से इस अभियान पर लगातार नजर रखी जा रही है।


सोमवार, 6 मई 2019

भविष्य में कैसा होगा इंसान?How will human beings in the future|हिंदी

मस्ते दोस्तो,आज में कुछ ऐसा Topic पर बात करने जा रहा हु जो आज हम अगर सोचने जाए तो कल्पना से भी परे हैं,अधिकतर लोग internet पर "future mein kaisa hoga insaan" यह जरूर सोचा होगा,चलिये जान लेते हैं की 'aage chalkar kaisa dikhega insaan".

भविष्य में कैसा होगा इंसान?How will human beings in the future|हिंदी
भविष्य में कैसा होगा इंसान?How will human beings in the future|हिंदी
भविष्य में कैसा होगा इंसान:
Future में होने वाले Development को समझने के लिए हमें अपने अतीत में झांकने की ज़रूरत है।क्या हमारे वंशज(Descendant) किसी काल्पनिक Scientist उपन्यास के चरित्रों की तरह उच्च Technique से लैस ऐसे मनुष्य होंगे, जिनकी आंखों की जगह Cameras होंगे, शरीर के अंग(Organ) खराब हो जाने पर New organ अपने आप विकसित(Develope) हो जाएंगे, आखिर सोचो जरा कैसी होंगी हमारी आने वाली Generations?

क्या humans आने वाले समय में जैविक(Biological) और कृत्रिम प्रजातियों(Artificial species) का मिला-जुला रूप होगा? हो सकता है वो अब के मुक़ाबले और नाटा या लंबा(Nata or Long) हो जाए, पतला या फिर और मोटा(Thin or thicker) हो जाए या फिर शायद उसके चेहरे और त्वचा का रंग-रूप(Skin color) ही बदल जाए?

ज़ाहिर है, इन सवालों का जवाब हम अभी नहीं दे सकते।इसके लिए हमें Past में जाना होगा और ये देखना होगा कि लाखों साल(Millions of years) पहले मनुष्य कैसा था। शुरुआत करते हैं उस समय से जब होमो सेपियंस(Homo sapiens) थे ही नहीं। लाखों साल(Millions of years) पहले शायद मनुष्य की कोई दूसरी ही प्रजाति(Species) थी, जो homo erectus(standing man) और आज के मनुष्य से मिलता-जुलता था।

पिछले दस हज़ार Years में, कुछ बहुत ही Important बदलाव हुए हैं जिनके मुताबिक इंसान ने अपने आपको ढाला है। खेती पर निर्भर होने और खानपान(food and drink) के विकल्प(option) बढ़ने से कई दिक्कतें(Problems) भी हुईं जिनको सुलझाने के लिए इंसान को Science का सहारा लेना पड़ा, जैसे डायबिटीज़(Diabetes) के इलाज के लिए इंसुलिन(Insulin)।

Body बनावट भी अलग-अलग इलाकों में अलग-अलग है, कहीं लोग मोटे हैं तो कहीं लंबे।

डेनमार्क(Denmark) के आरहुस विश्वविद्यालय(Aarhus University) के बायोइन्फोर्मेटिक्स(Bioinformatics) विभाग के एसोसिएट प्रोफ़ेसर थॉमस मेयलुंड(Associate Professor Thomas Myelund) के मुताबिक अगर इंसान की लंबाई कम होती तो हमारे शरीर को कम ऊर्जा(Energy) की ज़रूरत पड़ती जा रही हैं और यह लगातार बढ़ रहा आबादी(Population) वाले ग्रह के लिए बिल्कुल सही होता।

तकनीक से दिमाग का विकास:
बहुत से तमाम लोगों के साथ रहना एक अन्य ऐसी परिस्थिति(Situation) है जिसके मुताबिक इंसान को अपने आपको ढालना होगा।पहले जब हम शिकार(Prey) पर ही निर्भर थे तो रोज़मर्रा(Everyday) के जीवन में आपसी संवाद(conversation) बहुत कम हुआ करता था। मेयलुंड(Myelund) का मानना है कि हमें अपने आपको इस तरह से ढालना चाहिए था कि हम इस सब से निपट सकते।जैसे लोगों का नाम याद(remember the name) रखने जैसा अहम काम हम कर सकते।

यहां से शुरु होती है Technology की भूमिका(role)।थॉमस(Thomas) का मानना है- "Brain में एक Implant fit करने से हम लोगों के नाम आसानी से याद रखखा जा सकता हैं."

वो कहते हैं- "हमें पता है कि कौन से Jeans brain के इस तरह के development में कारगर(Effective) होंगे जिससे हमें अधिक से अधिक लोगों के नाम याद रह सके."

आगे चल कर हम शायद उन Jeans में बदलाव कर सकें। ये एक Science कथा जैसा लगता है लेकिन ये मुमकिन है। ऐसे Implants हम लगा सकते हैं but ये बात ठीक से नहीं जानते कि उसे किस तरह जोड़ा जा सकता हैं कि उसका ज़्यादा से ज़्यादा इस्तेमाल हो सके। हम उसके near तो पहुंच रहे हैं लेकिन अभी इस पर प्रयोग चल रहा है।उनका कहना है- "ये अब जैविक(Biological) से ज़्यादा Technology का मामला है."

मां-बाप की पसंद के होंगे बच्चे:
अबतक हम शरीर के टूटे हुए अंगों(Broken organs) को बदल या ठीक कर पा रहे हैं जैसे Pacemaker लगाना या कूल्हों(Hips) का बदला जाना)। शायद Future में ये सब मनुष्य को बेहतर बनाने में इस्तेमाल हो। इसमें Brain का development भी शामिल है। हो सकता है हम अपने रंग-रूप(Look and feel) या शरीर में Technique का ज़्यादा इस्तेमाल करें। जैसे कृत्रिम आंखें(Artificial eyes) जिनमें ऐसा कैमरा फ़िट(Camera fit) हो जो अलग-अलग रंगों और चित्रों(Colors and pictures) की अलग-अलग फ्रीक्वेन्सी(Frequency) पकड़ सके।

हम सबने Designer बच्चों के बारे में सुना है। Scientists ने पहले ही ऐसी Technique ईज़ाद कर ली है जो भ्रूण(Embryo) के जीन्स(Jeans) को ही बदल दे और किसी को पता भी ना चले कि अब आगे क्या होने वाला है। लेकिन मायलुंड(Myelands) का मानना है कि Future में कुछ Jeans का ना बदला जाना अनैतिक(Immoral) माना जाएगा। इसके साथ हम चुन पाएंगे कि बच्चा दिखने में कैसा हो, शायद फिर Man वैसा दिखेगा जैसा उसके mother-father उसे देखना चाहते हैं।

Myelands का कहना है- "ये अब भी Choose पर ही निर्भर करेगा लेकिन ये चुनाव अब Artificial होगा। जो हम कुत्तों की प्रजातियों(Species) के साथ कर रहे हैं, वही हम इंसानों के साथ करना शुरु कर देंगे."

Genetic variation:
ये सब सोचना अभी बहुत काल्पनिक(Dreamy) लगता है, लेकिन क्या Population के रुझान हमें इस बारे में कुछ संकेत दे सकते हैं कि Future में हम कैसे दिखेंगे?

'Grand Challenges In Eco Systems and the Environment' के Lecturer Dr. Jason का कहना है- "करोड़ों साल बाद के बारे में भविष्यवाणी(Prediction) करना पूरी तरह काल्पनिक(Dreamy) है लेकिन निकट Future के बारे में कहना बायोइन्फोर्मेटिक्स(Bioinformatics) के ज़रिए संभव है।

हमारे पास अब आज दुनिया भर से मानव के जैनेटिक सैंपल(Genetic samples) है।जैनेटिक वेरिएशन(Genetic variation) और Population पर उसके असर को अब आनुवांशिकी वैज्ञानिक(Geneticist) बेहतर ढंग से समझ पा रहे हैं।अभी हम साफ तौर पर नहीं कह सकते कि जैनेटिक वेरिएशन(Genetic variation) कैसा होगा लेकिन बायोइन्फॉर्मैटिक्स(BioInformatics) के जरिए वैज्ञानिक(Scientific) जनसंख्या के रुझानों को देखकर कुछ अंदाज़ा तो लगा ही सकते हैं।

जेसन की भविष्यवाणी(Prediction) है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों(Rural areas) में लोगों में असमानता(Inequality) बढ़ती जाएगी। उनका कहना है- "लोग ग्रामीण क्षेत्रों से ही शहरी इलाकों में आते हैं इसलिए ग्रामीण क्षेत्रों(Rural areas) के मुकाबले शहरी इलाकों में जैनेटिक विविधता(Kitnetic diversity) ज़्यादा देखने को मिलेगी।" उनका यह भी कहना है- "हो सकता है कि लोगों के रहनसहन(standard of living) में भी ये विविधता दिखने लगे।"

ये सब दुनियाभर(Whole world) में एक समान नहीं होगा। Example के तौर पर England में ग्रामीण इलाकों में शहर के मुकाबले कम विविधता(Diversity) है और शहरों में बाहर से आए लोगों की संख्या ज़्यादा होती हैं।

दूसरा ग्रह बना ठिकाना तो कैसा होगा इंसान:
कुछ समुदायों(Communities) में प्रजनन(Sex,Reproduction) दर ज़्यादा है तो कुछ में कम। जैसे Africa की Population तेज़ी से बढ़ रही है तो उनके Jeans भी विश्व के बाकी Communities के मुक़ाबले ज़्यादा तेज़ी से बढेंगे। जिन इलाकों में गोरे लोग रहते हैं वहां प्रजनन दर कम है। यही वजह है कि Jason ने भविष्यवाणी(Prediction) की है कि विश्वस्तर(World level) पर साँवले लोगों की संख्या बढ़ती जाती रहेगी।

उनका कहना है- "ये तय है कि World level गोरे लोगों के मुक़ाबले साँवले लोगों की संख्या में तेज़ी से बढ़ोत्तरी(Increase) होगी और इंसान की कई पीढियों(Generations) के बाद का रंग उसकी आज की Generation से गहरा ही होगा."

और अंतरिक्ष(Space) का क्या होगा? अगर मनुष्य ने मंगल ग्रह(Mars) पर बस्तियां(Settlements) बना लीं तो हम कैसे दिखेंगे? कम ग्रुत्वाकर्षण(Gravity) के कारण हमारी मांसपेशियों(Muscles) की बनावट बदल जाएगी. शायद हमारे हाथ-पैर और लंबे हो जाएं. हिम युग(Ice age) जैसे ठंडे वातावरण(Cold atmosphere) में क्या हमारे शरीर की चर्बी बढ़ जाएगी और क्या हमारे पूर्वजों(Ancestors) की तरह हमारे शरीर के बाल ही हमें ठंड(Cold) से बचाएंगे?

हमें अभी नहीं पता, लेकिन इतना जरूर है कि मनुष्य में Genetic बदलाव हो रहे हैं। Jason के मुताबिक हर साल मानव Genome के 3.5 billion base pair में से लगभग दो में बदलाव हो रहा है। ये सच में Amazing है और इस इस बात का सबूत(evidence) भी कि लाखों-करोड़ों(Millions of crores) साल बाद इंसान ऐसा नहीं दिखेगा जैसा आज दिखता है।यह Post को लिखने में बहुत Time लग गया,मुझको उम्मीद हैं यह Post आपको पसंद आया होगा।

बुधवार, 27 मार्च 2019

Apple Credit Card क्या हैं|What is Apple Credit Card |और Apple Credit Card Use कैसे करे।

मस्ते दोस्तो,आज हम आपको "Apple Credit Card" के बारे में बताने जा रहे हैं की "Apple Credit Card kya hai","Apple credit card apply step by step" ,"Apple Credit Card india launch date" , "apple credit card how to apply" ,"Apple Credit Card kaise use kare" ,"   Apple ने अपना नया Credit Card लॉन्च किया हैं नाम हैं Apple Credit Card,"क्या हैं Apple Credit Card",कैसे इसको ख़रीद सकते हैं,"Apple Credit Card Features"बताएंगे आपको हिंदी पे बिंदी ब्लॉग पर।

Apple Credit Card क्या हैं|What is Apple Credit Card |और Apple Credit Card Use कैसे करे।
Apple Credit Card क्या हैं|What is Apple Credit Card |और Apple Credit Card Use कैसे करे।
Apple Credit Card क्या हैं:

Apple Card एक Credit Card हैं जो की Apple के लिए बनाया गया हैं,आप इस Apple Credit Card ख़रीद सकते हैं Amazon से 1000 Dollar में,यह एक Traditional Credit Card ओर यह Digital Card भी हैं जो iphone में चलेगा।अगर आप apple pay नही Use कर पा रहे तो यह आपको Tension लेने की जरुरत नही हैं यह एक Traditional Card भी होगा अगर आप apple pay भी Use नही कर रहे हैं तो।

Apple Credit Card क्या हैं
Apple Credit Card क्या हैं
इस Card में केवल आपका नाम होगा,Apple का logo होगा और एक Chip लगी होगी बस ओर कुछ नही होगा ओर कुछ इस तरह का दिखेगा यह Apple Card।यह  Apple ने Goldman Sachs के साथ Typed(Partnership) किया हैं जो बनाएगा आपका apple card।

Apple card Use कैसे करे:

यह Apple Card यह सभी Apple के devices के साथ compatible होगा जैसे की बताया गया हैं की आप इससे Traditionally ओर Digitally भी use कर सकते हैं Digitally यह आपके phone me होगा ओर Traditionally यह आपके Credit Card के तरह होगा,जो की Titanium का बना होगा इसमे आपका नाम लिखा होगा साथ में Apple का logo और एक chip लगी होगी।

Apple card Use कैसे करे
Apple card Use कैसे करे
इसको कहा Use करना हैं ओर कैसे करना हैं आप इसे online shopping करने ओर Offline Store में भी जैसे की आप Regular बाकी Cards use करते हो।

Apple card के apply या Singup कैसे करे:

Apple card के लिए singup कर सकते हैं Apple Phone में ही ओर Apple में singup करने के बाद Details ओर Information भरने के बाद Promote आएगा,Promote आने के बाद बाकी process आगे बढ़ेगी।

अभी फिलाल यह Card US में मिलना सुरु होगा,बाकी Countries अभी यह US में आने के बाद धीरे धीरे यह बाकी Trail करने के बाद इसे Expand किया जाएगा बाकी Countries में।

Apple Card Problem:

अगर आपको कोई Apple card से मिलता झूलता Problem हैं तो आपको एक text करना होगा एक Number पर,ओर आपका Problem Solve हो जाएगा।

Apple Card Rewards or Charges:

यह Daily Cash के साथ एक clear और अधिक compelling rewards program साथ में Daily Cash कार्यक्रम भी प्रदान करता है, जो प्रत्येक दिन ग्राहकों के Apple Credit Card पर cash के रूप में हर खरीद का प्रतिशत मिलेगा।इसमे केवल जो भी आप purchase करेंगे तो बिना वजह आपको न Penality, ओर नही कोई charges ओर नही कोई Proccess Charges लगेगा,बस आपको Interest लगेगा।

Apple Card Secure:

Apple Card Secure हैं इसमें कोई सक नही है,आपका Apple Card बनेगा तब एक Unique Identification code दिया जाएगा जो store safely होगा Secure Element  में  जब आप कुछ Purchase करेंगे आपको One Time Password आएगा जबभी आप इसका use करेंगे आपको एक OTP आएगा।OTP आने के बाद आपको Authenticate करना पड़ेगा Biometrics के जरिये ओर FaceID और Fingerprint के जरिये।अब भारत में कब आएगा पता नही जब आएगा तब छाएगा।

शुक्रवार, 22 फ़रवरी 2019

Samsung Galaxy Fold SmartPhone Price,specifications and Features in Hindi

नमस्ते दोस्तो कैसे हो,मुझे उम्मीद हैं की अच्छे होंगे आपको पता हैं बहुत दिन से हम "foldable(Fold) smartphone" के बारे में सुनते आ रहे हैं,बहुत बार हमने बड़े BLOGGER के Post को पढ़े और YOUTUBER के Videos को देखे होंगे वह लोग foldable(Fold) smartphone के बारे में चर्चा करते रहते हैं कही न कही News में भी देखें होंगे,मगर यह यकीन करना मुश्किल था की ऐसा हो सकता हैं क्या! मगर हम गलत थे Technology और Science बहुत आगे बढ़ गया हैं आने वाले Time में सय्यद हमे केवल सिर्फ Display से ही सारे काम चल जाएंगे तो चलिये देख लेते हैं।
Samsung Galaxy Fold SmartPhone Price,specifications and Features in Hindi
Samsung Galaxy Fold SmartPhone Price,specifications and Features in Hindi

आज हम आपको बताने वाले हैं की Samsung द्वारा launch किये गए foldable(Fold) smartphone में Price,specifications and Features क्या हैं?

नीचे दिए गए जानकारियों को Search करने की कोसिस की होगी आपको सारी जानकारी यह Post में मिलने वाली हैं:

"Galaxy fold specs"

"Galaxy fold price"

"Samsung Galaxy Fold Features"

"Samsung Galaxy Fold specificstions"

"Galaxy fold price in india"

"Samsung Galaxy fold specs comparison"

"Samsung Galaxy fold release date"

"Samsung foldable phone unboxing"

Samsung Galaxy Fold specifications और Features:

Samsung Galaxy Fold specifications और Features
Samsung Galaxy Fold specifications और Features(Samsung video create gif)

  1. Galaxy fold specs
  2. Samsung Galaxy Fold Screen Resolution
  3. Samsung Galaxy Fold Processor,RAM or Storage
  4. Samsung Galaxy Fold Cameras
  5. Samsung Galaxy Fold Price और Color

Galaxy fold specs:

Samsung का Galaxy Fold 4.6 इंच का सिंगल फोल्डिंग AMOLED Display है जो सामने की तरफ 7.3 इंच तक फैला दिखाई देता है।Samsung ने हाल ही में सैन फ्रांसिस्को (San francisco) में गैलेक्सी अनपैक्ड इवेंट(Galaxy Unpacked Event) में अपने दसवीं Anniversary पर अपनी Wildly सफल Galaxy S स्मार्टफोन Line-up को Refresh किया। Normal Galaxy S10 +, Galaxy S10, Galaxy S10e थे, लेकिन देखा जाए तो सबसे ज्यादा ध्यान Samsung के foldable(Fold) smartphone, गैलेक्सी फोल्ड (Galaxy Fold) पर दिया गया। वैसे देखा जाए तो नाम से ही पता चलता है, Samsung के Galaxy Fold में 4.6 इंच का सिंगल फोल्डिंग AMOLED डिस्प्ले है, जो आगे की तरफ 7.3 इंच तक फैला हुआ दिखाई देता है। सबसे बड़ी बात अभी तक हमने तो केवल Dual SIM ही वाले स्मार्टफोन सुने ओर देखे थे मगर अब दो Display होने के अलावा, Galaxy Fold में दो Battery और 6 कैमरों हैं सय्यद बाप रे!full Pack हैं मतलब मोबाइल कही से खाली नही छोड़ा गया हैं।
Samsung Galaxy Fold specificstions
Samsung Galaxy Fold specificstions
Samsung Galaxy Fold Screen Resolution:
Screen का बाहरी 21: 9 Resolution 840x1960 है और अनफोल्ड स्क्रीन का Resolution 1,536 x 2,152 है जिसका Density 420 Dot प्रति इंच (Dpi) जो की बहुत बोले तो बहुत अच्छी बात है। Samsung के अनुसार, Screen 200,000 गुना या 5 साल तक के उपयोग(Use) का सामना कर सकती है अगर रोजाना 100 बार Fold किया जाए।

Samsung Galaxy Fold Processor,RAM और Storage:

इस Fact के अलावा, Galaxy Fold को बढ़ाने वाले Processor के बारे में अधिक जानकारी नहीं है कि यह 7nm 64 Bit octa-core Processor होगा या उससे अलग कुछ रखा जाएगा। Samsung ने कहा कि Galaxy Fold में 12GB RAM और 512GB UFS 3.0 Storage space के साथ बिना किसी MicroSD slot के आएगा जो देखा जाए तो बहुत बड़ी Storage में तो बुढ्ढे होने तक न भर पाऊ हैं। Big 4,380 MAH की Battery फोन के दो किनारों के बीच same रूप से Distribute किया गया है। Galaxy Fold के फिंगरप्रिंट स्कैनर(Fingerprint scanner) जो की, गैलेक्सी S10e की तरह same है।


Samsung Galaxy Fold Cameras:

जहां तक ​​देखा जाए तो Optics का सवाल है, Galaxy Fold में छह कैमरे(Six cameras) हैं - तीन Back Side पर, एक Front और दो अंदर(inside) में। Three rear cameras 12-MP wide-angle camera, 12-MP Telephoto Camera और 16-MP ultra-wide camera हैं। जब फोन आता है, तो 10-MP Self Camera और 8-cam deep camera होता है। अंत में, Front में एक कैमरा 10-MP Self Camera है।(भाई लोग यह लोग जून पुराने सब cameras को डालकर लूटने वाले क्योंकि इतने कैमरा का अचार डालेंगे)

Samsung Galaxy Fold Price और Color:

Samsung ने कहा है कि ज्यादातर Standard android App Galaxy Fold पर काम करेंगे। इस बीच, Developers को Galaxy Fold की Multi-window और App निरंतरता(Continuity) सुविधा का लाभ लेने के लिए अपने App में थोड़ा Changes करने के लिए कहा गया है जिससे App को use कर सके। कीमत(cost) के लिए, Galaxy Fold की कीमत $ 1980 (लगभग 1.4 लाख रुपये) होगी और यह foldable smartphone 26 अप्रैल से Blue,Green, silver और Black color Option में available होगा।

गुरुवार, 24 जनवरी 2019

Vivo APEX 2019 में Features क्या हैं?

Vivo APEX 2019 में स्नैपड्रैगन 855, 12GB रैम, 5G, फुल-स्क्रीन फिंगरप्रिंट, बिना पोर्ट या बटन के बिना यूनीबॉडी 3D डिज़ाइन मिलेगी अब हम बात करते हैं price की तो Rs. 43,999 (Rumoured) जान लेते हैं कि "Vivo APEX 2019 Features" क्या हैं?
Vivo APEX 2019 में Features क्या हैं?
Vivo APEX 2019 में Features क्या हैं?
वीवो ने चीन में कंपनी के नवीनतम कॉन्सेप्ट फोन APEX 2019 की घोषणा की, जैसा कि उसने वादा किया था। यह कोई पोर्ट या बटन नहीं है, जो कि कल पेश किए गए Meizu शून्य के समान था, लेकिन इसमें Meizu फोन पर सिरेमिक के बजाय घुमावदार ग्लास डिज़ाइन है। इसमें 3.5 मिमी ऑडियो जैक नहीं है, प्रेशर-सेंसिटिव पावर और वॉल्यूम बटन के साथ फिजिकल बटन को रिप्लेस करता है और इसमें USB पोर्ट भी नहीं है, इसके बजाय यह एक मैग्नेटिक पोर्ट पर निर्भर करता है जो बैक कवर के निचले हिस्से से कनेक्ट होता है चार्जिंग और डेटा ट्रांसफर।

यह फुल-स्क्रीन साउंड टेक्नोलॉजी का उपयोग करता है जो फोन की स्क्रीन को स्पीकर के रूप में और कॉल के लिए इयरपीस का उपयोग करता है। इसमें 6.39 इंच का AMOLED डिस्प्ले है, यह लेटेस्ट स्नैपड्रैगन 855 द्वारा संचालित है, इसमें ईजीआईएम के माध्यम से 5 जी के लिए सपोर्ट है, लिक्विड-कूल्ड प्लेट का इस्तेमाल होता है, 12 जीबी रैम और 256 जीबी या 512 जीबी स्टोरेज है। आंतरिक घटकों में 3 डी डुप्लेक्स स्टैकिंग डिज़ाइन है और आंतरिक घटकों द्वारा कब्जा किए गए स्थान को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए एमओबी पैकेजिंग तकनीक का उपयोग करता है।

इसमें फुल स्क्रीन फिंगरप्रिंट तकनीक है जो उपयोगकर्ताओं को अपनी उंगली को डिस्प्ले में लगभग कहीं भी रखकर फोन को अनलॉक करने की अनुमति देती है, और दो फिंगर अनलॉकिंग का भी समर्थन करती है। इसमें 12MP + 13MP के डुअल रियर कैमरे हैं, लेकिन इसमें फ्रंट कैमरा नहीं है। 

Vivo APEX 2019 व्हाइट, ग्रे और ब्लैक रंगों में आता है। चूंकि यह सिर्फ एक अवधारणा है, इसे संभवतः अगली पीढ़ी के NEX फोन के रूप में इस साल के अंत में पेश किया जाएगा। इससे पहले हम उम्मीद कर सकते हैं कि बार्सिलोना में अगले महीने MWC 2019 में इसका प्रदर्शन किया जाएगा।

मंगलवार, 22 जनवरी 2019

(Android 10.0 Quindim)Android Q क्या हैं और Android Q में features क्या-क्या हैं?

Android Q क्या है?

यह Android के अगले version के रूप में अभी तक Unconfirmed है मतलब Android एक feature हैं यह कभी नही रुकेगा खुद ब खुद बनते जाएगा।("Android 10.0 Quindim") "Android Q क्या हैं" और "Android Q में features क्या-क्या हैं?"चलिये इसके बारे में जान लेते हैं,हम में से बहुत अब भी हमारे फोन को Hit/Update करने के लिए Android pie के लिए इंतजार कर रहे हैं, लेकिन Google किसी के लिए इंतजार नहीं करता है। Mountain View Company Android Q पर काम करना पहले से ही मुश्किल है, मोबाइल प्लेटफॉर्म के अगले दौर के लिए। लेकिन नई Android Q सुविधाओं के मामले में Google को क्या Table में लाया जाएगा?

"Android Q kya hain"
"Android Q kya hain"
 History of Android names

  • Android 1.5 Cupcake (April 2009)
  • Android 1.6 Donut (September 2009)
  • Android 2.0 Eclair (October 2009)
  • Android 2.2 Froyo (May 2010)
  • Android 2.3 Gingerbread (December 2010)
  • Android 3.0 Honeycomb (February 2011)
  • Android 4.0 Ice Cream Sandwich (October 2011)
  • Android 4.1 Jelly Bean (July 2012)
  • Android 4.4 KitKat (October 2013)
  • Android 5.0 Lollipop (November 2014)
  • Android 6.0 Marshmallow (October 2015)
  • Android 7.0 Nougat (August 2016)
  • Android 8.0 Oreo (August 2017)
  • Android 9.0 Pie (August 2018)
  • Now Android 10.0 Quindim (August 2019)


Android Q सुविधाओं पर एक नज़र डालें, जिनके बारे में हम अभी तक नीचे जानेंगे:
"Android Q kya hain"
"Android Q kya hain"
A proper dark mode

XDA-डेवलपर्स ने एक बड़ा स्कूप प्राप्त किया जब इसने Android Q के शुरुआती निर्माण को दिखाया, इस प्रक्रिया में कई संभावित Android Q सुविधाओं को उजागर किया। ऑपरेटिंग सिस्टम में हेडलाइन-ग्रैबिंग फीचर निश्चित रूप से सिस्टम-वाइड डार्क मोड (ऊपर देखा गया) का जोड़ था। 

आउटलेट के अनुसार, डार्क मोड सेटिंग मेनू, लॉन्चर, नोटिफिकेशन शेड और अन्य UI तत्वों पर लागू होता है। यह माना जाता है कि अंधेरे मोड को या तो स्थायी रूप से सक्षम किया जा सकता है या दिन के निश्चित समय पर स्वचालित रूप से स्विच किया जा सकता है। और एक साफ-सुथरे स्पर्श में, ऐसा लगता है कि असमर्थित ऐप्स के लिए अंधेरे मोड को बाध्य करना संभव है।

एक डार्क मोड एंड्रॉइड के लिए एक लंबे समय तक अतिदेय सुविधा होगी, रात में चकाचौंध को कम करने और ओएलईडी फोन पर बैटरी जीवन में सुधार होगा। लेकिन कंपनी ने इस विचार के साथ खिलवाड़ किया है और इसे वितरित नहीं किया है, इसलिए अभी तक अपनी सांस को रोकें मत।

Permissions when you need them

हमने Android मार्शमैलो में Android अनुमतियों का एक ओवरहाल देखा, और यह प्रणाली Android Q के लिए आधार बना रही है। लेकिन हम इस अपडेट में एक बड़ा बदलाव देख सकते हैं, क्योंकि अब आप कथित तौर पर यह निर्दिष्ट कर सकते हैं कि किसी ऐप को केवल उपयोग करने की अनुमति है एप्लिकेशन के सक्रिय होने पर एक निश्चित अनुमति। 

यह गोपनीयता-केंद्रित व्यक्तियों के लिए उपयोगी हो सकता है, या यदि आप बस अधिक बैटरी जीवन को बाहर निकालना चाहते हैं। आखिर उस मैसेजिंग ऐप को आपके माइक्रोफोन का इस्तेमाल क्यों करना चाहिए, जब यह खुला भी नहीं है?

Desktop mode

हमने हाल के वर्षों में सैमसंग और हुआवेई दोनों डेस्कटॉप मोड वितरित किए हैं, और यह एक बहुत ही दिलचस्प अवधारणा है। अपने फोन को एक बड़े डिस्प्ले से कनेक्ट करके, यूजर इंटरफेस डेस्कटॉप कंप्यूटर से मिलता-जुलता है। इसका मतलब है कि एक पीसी जैसी होम स्क्रीन, एक स्टार्ट मेनू, रीजनेबल ऐप विंडो और कीबोर्ड और माउस का उपयोग करने की क्षमता। 

XDA के डी-डाइव की संभावना में एंड्रॉइड क्यू सुविधाओं में वास्तव में एक डेस्कटॉप मोड के संदर्भ मिले हैं, लेकिन नाम से परे अधिक जानकारी आगामी नहीं है। यह संभावना है कि हम सैमसंग और हुआवेई के डेस्कटॉप अनुभव पर एक नज़र डाल रहे हैं, लेकिन यह संभवतः कुछ अलग हो सकता है।

A more secure Smart Lock?

Google ने लॉलीपॉप दिनों में स्मार्ट लॉक कार्यक्षमता को वापस पेश किया, अनिवार्य रूप से आपके फोन को तब लॉक रखा जाए जब वह आपके पास न हो। सुविधा आपको अपने डिवाइस को स्थान (जैसे घर), ब्लूटूथ डिवाइस (जैसे कि फिटनेस बैंड), या जब आप इसे ले जा रहे हैं, के आधार पर अनलॉक करने देती है। 

एंड्रॉइड क्यू के शुरुआती संस्करण में स्मार्ट लॉक के दो अतिरिक्त होने का पता चलता है। पहला विकल्प आपको अपने डिवाइस की अनलॉक अवधि का विस्तार करने के लिए स्मार्ट लॉक का उपयोग करने देता है (लेकिन एक बार लॉक होने के बाद यह आपके डिवाइस को अनलॉक नहीं करेगा)। दूसरा फीचर केवल फोन को लॉक करता है जब विश्वसनीय साथी डिवाइस पर अब भरोसा नहीं किया जाता है।

Other Android Q features we’d like to see

Google आमतौर पर प्रत्येक प्रमुख एंड्रॉइड अपडेट में बहुत सारे उपयोगी फीचर जोड़ता है, लेकिन प्रशंसक अनुरोधों के कारण पार्टी के लिए देर से आने का दोषी भी है। एंड्रॉइड के स्टॉक में आने के लिए अभी तक कुछ और लोकप्रिय विशेषताएं हैं जिन्हें हम एंड्रॉइड क्यू पर भूमि देखना पसंद करते हैं, जिनमें स्क्रॉलिंग स्क्रीनशॉट समर्थन और स्क्रीन रिकॉर्डिंग शामिल है। 

एक और तेजी से प्रमुख विशेषता जिसे हम स्टॉक एंड्रॉइड में पॉप अप करना चाहते हैं, वह है ऐप ट्विन कार्यक्षमता, जो उपयोगकर्ताओं को एक सोशल मीडिया या मैसेजिंग ऐप पर दो खाते चलाने की अनुमति देता है। फिर विभिन्न ओईएम से फोन पर बायोमेट्रिक सुरक्षित सुविधा है, जिससे आप फ़िंगरप्रिंट-रक्षित लॉकर में फ़ाइलें और एप्लिकेशन जोड़ सकते हैं। आप कुछ और लोकप्रिय सुविधाएँ देख सकते हैं जिन्हें हम यहाँ स्टॉक एंड्रॉइड पर देखना चाहते हैं।

सोमवार, 21 जनवरी 2019

DTH TV channels or Cable operators per channel price? हिंदी में

आप सोच रहे होंगे कि"TRAI New DTH Rules"क्या हैं?ओर आपके मन मे आगे आने वाले सवाल,"टीवी चैनल प्राइस लिस्ट" और "कितने पैसे देने पड़ेंगे चैनल के","How much money will be given to the TV channel's price list" and "DTH,TV channel's or Cable operators per channel price?"TV Channel की मूल्य(price) list और "Per channel के कितने पैसे देने होंगे?",अगर DTH या केबल ऑपरेटर(Operator) 72 घंटे में नहीं करेगा ये काम, तो कस्टमर(Customer) को क्या करना पड़ेगा या पैसा return होगा?चलिये देख लेते हैं।


1 फरवरी से जो चैनल आप देखेंगे उन्हीं के दें पैसे, ये है सभी चैनलों की Price list नीचे बताया गया हैं।टीवी चैनल की कीमत सूची और प्रति चैनल को कितना पैसा दिया जाएगा।
How much money will be given to the TV channel's price list and DTH,TV channel's or Cable operators per channel price?(हिंदी में)
How much money will be given to the TV channel's price list and DTH,TV channel's or Cable operators per channel price?(हिंदी में)
News deskTelecom Regulatory Authority of India (TRAI) ने Customer को नई राहत देंने की कोशिस की है। TRAI ने Tweet करके कहा कि यदि आपके DTH Service में Fault है और उसने 72 घंटे में उसे Fix या ठीक नहीं किया हैं,तब आपको Payment करने की जरूरत नहीं है। TRAI के इस नियम से DTH और Cable operators को Customer को Time पर Service देनी ही होगी।

TRAI का Tweets:

TRAI के New rules:
1 फरवरी से TRAI के New rule लागू होने जा रहे हैं। इसके बाद हर एक Channel का एक Fix rate होगा। 130 रुपए (Plus tax) में 100 स्टैंडर्ड डेफिनेशन(Standard Definition)(SD) चैनल Operators को दर्शकों को दिखाना ही होंगे। Free to Air Channel के अलावा आप जो Channel चुनेंगे उसके आपको अलग से पैसे देना होंगे। यानी Cable operators अब आपके ऊपर कोई चैनल थोप(Channel impul) नही सकते। TRAI के इस नियम से Customer के पैसों की बचत भी होगी।

अगर DTH या Cable operator 72 घंटे में नहीं करेगा ये काम, तो Customer नहीं देना पड़ेगा एक भी रुपया।

अब Customer को एक चैनल के लिए इतने रुपए करने होंगे खर्च(नीचे देख सकते हैं):

टाइम्स नेटवर्क चैनल(Times Network Channel)
  • Times Now: Rs 3.00
  • Mirror Now: Rs 2.00
  • ET NOW: Rs 3.00
  • Zoom: Rs 0.50
  • Movies Now: Rs 10.00
  • MNX: Rs 6.00
  • Romedy Now: Rs 6.00


 जी चैनल(Zee channel)
  • Zee TV: Rs 19
  • &TV: Rs 12
  • Zee Cinema: Rs 19
  • Zee Action: Re 1
  • Zee News: 50 paise
  • Zee ETC: Re 1
  • Zee Bollywood: Rs 2
  • Zee Action: Re 1
  • Zee Business: 50 paise
  • Living Foodz: Re 1


 सोनी चैनल्स(Sony channels)
  • Sony Entertainment Channel (SET): Rs 19.00
  • SAB: Rs 19.00
  • SET Max: Rs 15.00
  • MAX 2: Re 1.00
  • Sony YAY!: Rs 2.00
  • Sony PAL: Re 1.00
  • Sony Wah: Re 1.00
  • Sony MIX: Re 1.00


नेटवर्क 18 चैनल्स(Network 18 channels)

  • CNBC Awaaz: Re 1.00
  • Colors: Rs 19.00
  • The History Channel: Rs 3.00
  • MTV: Rs 3.00
  • MTV Beats: Rs 0.50
  • News 18 Assam / North East/Bihar Jharkhand/Madhya Pradesh / Chhattisgarh: Rs 0.25
  • Rishtey: Re 1.00
  • Rishtey Cineplex: Rs 3.00
  • VH 1: Re 1.00

स्टार चैनल(Star channel)

  • Star Utsav: Rs: 1.00
  • Star Gold: Rs 8.00
  • Movies OK: Re 1.00
  • Star Utsav Movies: Re 1.00
  • Star Sports 1 Hindi: Rs 19.00
  • Star Sports 2: Rs 6.00
  • Star Sports 3: Rs 4.00
  • Star Sports First: Rs 1.00
  • National Geographic Channel (NGC): Rs 2.00
  • Nat Geo Wild: Re 1.00

डिस्कवरी चैनल(discovery Channel)

  • Discovery Channel: Rs 4.00
  • Animal Planet: Rs 2.00
  • TLC: Rs 2.00
  • Discovery Kids Channel: Rs 3.00
  • Dsport: Rs 4.00
  • Discovery Jeet: Re 1.00
  • Discovery Science: Re 1.00
  • Discovery Turbo: Re 1.00

टीवी टुड चैनल्स(TV Today Channels)

  • Aaj Tak: Rs 0.75
  • Aaj Tak Tez: Rs 0.25
  • India Today: Re 1.00

एनडीटीवी चैनल्स(NDTV Channels)

  • NDTV 24*7: Rs 3.00
  • NDTV India: Rs 1.00
  • NDTV Profit: Rs 1.00
  • Good Times: Rs 1.50

टर्नर इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड(Turner International Pvt Ltd)

  • Cartoon Network: Rs 4.25
  • POGO: Rs 4.25
  • CNN International: 50 paise
  • HBO: Rs 10.00
  • WB: Re 1.00